विचार सरोकार : अमेरिका की दादागिरी नहीं चलेगी, "मै झुकेगा नहीं...भारत

उन्हीं दिनों नारा दिया गया, जय जवान,जय किसान। भारत तभी से खाद्यान्न उत्पादन में तेजी से बढ़ा और आज पूरी तरह आत्म निर्भर है। 1971 में न डरा, परमाणु परीक्षण के बाद न डरा, और अब मोदी ने साफ कह दिया कि भारत राष्ट्रीय हितों के लिए किसी भी देश से व्यापारिक संबंध रखने को स्वतंत्र है। रूस से तेल खरीदते रहेगा। अमेरिका की दादा गिरी न चलेगी।

विचार सरोकार : अमेरिका की दादागिरी नहीं चलेगी, "मै झुकेगा नहीं...भारत

डॉ. प्रदीपसिंह राव, विदेश नीति विशेषज्ञ

भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है। अब यह पुराना भारत नहीं है। 1971 जैसा भारत नहीं, वो तब भी न डरा,और 1965 में भी न डरा।अमेरिका ने धमकी दी थी कि वो PL 480  गेहूं निर्यात करना बंद कर देगा, यदि पाकिस्तान से युद्ध न रोका, भारत में उस समय खाद्य संकट था, तब भी तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने आत्म सम्मान के लिए कहा कि निर्यात रोक दीजिए, झुकेंगे नहीं। उसी समय से सप्ताह में सोमवार को एक दिन रोटी नहीं खाएंगे। उपवास रखेंगे। पूरा देश उपवास रखने लगा और शास्त्री जी भी एक दिन उपवास रखते थे।

उन्हीं दिनों नारा दिया गया, जय जवान,जय किसान। भारत तभी से खाद्यान्न उत्पादन में तेजी से बढ़ा और आज पूरी तरह आत्म निर्भर है। 1971 में न डरा, परमाणु परीक्षण के बाद न डरा, और अब मोदी ने साफ कह दिया कि भारत राष्ट्रीय हितों के लिए किसी भी देश से व्यापारिक संबंध रखने को स्वतंत्र है। रूस से तेल खरीदते रहेगा। अमेरिका की दादा गिरी न चलेगी।

आधी दुनिया से बड़े हैं भारत रूस और चीन

भारत भिखारियों का देश नहीं।  2025में भारत की कूटनीतिक ताकत बढ़ रही है। नया वैश्वीकरण हो सकता है। हर मुसीबत में  रूस ने साथ दिया।चीन भी अब करवट बदल रहा है। ब्रिस्क देशों की ताकत बढ़ रही। चीन, रूस भारत का  नया ध्रुवीकरण चल रहा है। अमेरिका को भय है, इसलिए वह पाकिस्तान और बांग्लादेश को राहत दे रहा। उसकी अमेरिका का माल ख़रीदो, की नीति का जवाब भारत "मेक इन इंडिया" से दे रहा। अमेरिका के नाटो देश छोटे छोटे है, जबकि चीन, भारत और रूस आधी दुनिया से बड़े हैं।

कोई एंट्री नहीं मिलेगी कृषि के क्षेत्र में

टैरिफ 50%तक कर देने से भी भारत कमजोर नहीं पड़ेगा।अमेरिका में सबसे अधिक भारतीय इंजीनियर,चिकित्सक हैं, जो उन्नति के पुर्जे हैं। डोनाल्ड ट्रंप अपनी सीमाएं परख ले, अन्यथा उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी। आज भारत अमेरिका शीत युद्ध शुरू हो चुका है। मोदी ने साफ कहा है कि कृषि के क्षेत्र में अमेरिका को कोई एंट्री नहीं देगा। किसान हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए मोदी ने कहा, कि मुझे न झुकने की व्यक्तिगत रूप से बड़ी कीमत चुकानी होगी।