हुआ है ऐसा भी : 170 साल में रतलाम जिला दो बाढ़ और एक  झेल चुका है सूखा

हुआ है ऐसा भी : 170 साल में रतलाम जिला दो बाढ़ और एक  झेल चुका है सूखा

जिले में हुआ औसत बारिश 918.3 का आंकड़ा पार

⚫ रविवार सुबह 8 बजे तक 933 मिमी बारिश दर्ज

⚫ डॉ. प्रदीपसिंह राव, वरिष्ठ इतिहासकार

रतलाम, 31 अगस्त। यूं तो रतलाम जिला प्राकृतिक रूप से समृद्ध है। ना अधिक गर्मी। न अधिक ठंड। न अधिक बारिश। फिर भी रतलाम के खाते में बाढ़ और सूखा दर्ज है। यह शायद ही लोगों को पता होगा।

रतलाम जिले के भू अभिलेखों के इतिहास में पिछले 170 वर्ष में दो बार बाढ़ और एक बार सूखा पड़ा है। 1899 में पूरे चार माह में  रतलाम  रियासत (जिले) में मात्र 16 इंच बारिश हुई थी। जबकि तब रतलाम में  ही  27 इंच औसत वर्षा होती है। पूरे राज्य में लगभग 21 इंच बारिश कम होने से त्राहि त्राहि मच गई थी, लेकिन 10 सितंबर 1902  के दिन 5 घंटे में 9 इंच बारिश हो गई थी जो कीर्तिमान बना।।तब सूखे और भारी बारिश के समय सज्जन सिंह जी का ही राज्य था। 

राजद नदी में आई बाढ़ से डूब गया था आधा पिपलोदा

रतलाम जिले में औसतन 34इंच वर्षा होती है। जून 4, जुलाई13, अगस्त 9 इंच शेष पूर्वार्ध में 2/3इंच। जिले में सबसे भारी बारिश 1902 के बाद 19/20 अगस्त की मध्य रात्रि में 3 घंटे में 4 इंच से ज्यादा बारिश हो गई थी, जिससे राजद नदी की बाढ़ से आधा पिपलौदा डूब गया था।इतिहास में यह बात दर्ज है कि बाढ़ के बाद यहां के नौजवानों की स्वयं सेवा से आजादी का जज्बा पैदा हुआ था। एक अतिवृष्टि का उल्लेख 1857 का मिलता है। जब रतलाम में राजा भैरव (भैरो सिंह) का राज्य था। तब जामन, मलेनि नदियों सहित माही में उफान आया था और तालाब फूट गए थे। 

अगस्त 2006 में 72 घंटे में 17 इंच हुई थी बारिश

वैसे रतलाम नगर में कभी बाढ़ नहीं आई।अगस्त 2006 में 72 घंटे में 17 इंच पानी गिर गया था जो कीर्तिमान है। अगस्त में 2006में 42/45 इंच बारिश भी एक कीर्तिमान बना। उस मानसून में ,72 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। झाली तालाब के पानी ने श्री कालिका माता मंदिर के पग पथारे थे। मंदिर के परिसर तक पहुंच कर झाली ने आशीर्वाद लिया था। 

चालू मानसून सत्र में 50 इंच बारिश की उम्मीद

मानसून पूरे शबाब पर है। रविवार सुबह 8 तक जिले में औसत बारिश थी 933 मिली मीटर दर्ज हो गई है जबकि सामान्य बारिश 918.3 मिमी होती है। इस लिहाज से बारिश का आंकड़ा अब बढ़ चुका है। मानसून की विदाई में अभी लगभग 45 दिन बाकी है। रविवार को 12:00 हुई बारिश और मौसम के पूर्वानुमान से लग रहा है कि मानसून की विदाई तक 50 इंच से ऊपर बारिश हो सकती है।

रतलाम में अब तक 36 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। सैलाना तो बहुत आगे निकल चुका है। 1480 मिमी यानी 59 इंच के भी ऊपर। उसके पीछे रावटी 1176 मिमी और पिपलौदा 1006 मिमी बारिश दर्ज हुई हैं। पूरे जिले में अब तक  36 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। मानसून सत्र में ताल काफी पीछे चल रहा है

लगता है बड़ा हो गया छेद मानसून के बादल में

ऐसा लगता है कि दुष्यंत कुमार की बात मान कर आसमान में  छेद तलाशने के लिए किसी ने इतनी तबियत से पत्थर उछाला कि मानसून के बादल में कुछ बड़ा ही छेद हो गया है। अब ये छेद भरने का नाम ही न ले रहा है।