सृजन अभी-अभी : श्रमिक पसीने की कथा, श्रमिक कर्म का गीत

मजदूर खून-पसीना बहाकर मेहनत करते हैं। मजदूरों को जब पसीना आता है तो वे श्याम वर्ण लगते हैं और इस रंग से शनि का गहरा नाता है। इसलिए शनि देव और मजदूरों के बीच गहरा संबंध होता है। इसलिए हमेशा मेहनतकश लोगों का सम्मान करें।

सृजन अभी-अभी : श्रमिक पसीने की कथा, श्रमिक कर्म का गीत

प्रोफ़ेसर अज़हर हाशमी

श्रमिक के श्रम के कारण, उद्योगों में नूर। 
सिर पर भारी भार को, ढोता है मज़दूर।।

आँधी और तूफान के मद को करता ध्वस्त। 
श्रमिक रात-दिन मौज में रहता बेहद मस्त।।

श्रमिक पसीने की कथा, श्रमिक कर्म का गीत। 
श्रम ही श्रमिक का निबंध, श्रम ही लय-संगीत ।।

पावन श्रम, पावन सुखद, उसका यह दस्तूर । 
पत्थर को तकिया बना, सोजाता मज़दूर ।।

निज श्रम से खुश थे श्रमिक, लेकिन अब रोबोट। 
मज़दूरों के पेट पर लगा रहे हैं चोट ।।

⚫ प्रोफ़ेसर अज़हर हाशमी