फैसला : सलमान और सद्दाम आजीवन कारावास
⚫ मामला शाहरुख़ की हत्या करने का
⚫ सद्दाम की पत्नी चली गई थी शाहरुख के साथ और फिर आ गई
⚫ जुर्माने की सुनाई सजा
हरमुद्दा
रतलाम, 10 जून। शाहरुख की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने सलमान और सद्दाम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया कि 21 जून 2020 को फरियादि लियाक़त द्वारा सूचना दी थी की उक्त दिनांक को ग्राम गंगाखेड़ी में फरियादि अपनी पत्नी और लड़के शाहरुख़ के साथ चचेरे भाई शेरू के लड़के जावेद की शादी में गए थे। शेरू की किराने की दुकान पर रात्रि 10:00 बजे शाहरुख़ खड़ा था और दुकान के सामने लाइट जल रही थी। तभी वहा पर आरोपी सद्दाम और सलमान वहा पर आए, सद्दाम के हाथ में चाकू था और सलमान ने शाहरुख़ को पीछे से पकड़ लिया एवं सद्दाम ने शाहरुख़ को जान से मारने की नियत से चाकू से सीने और पेट पर वार किया।
चिल्लाने पर भाग गए आरोपी
शाहरुख़ के चिल्लाने पर असलम, मेहरबान और हयात बचाने आए तो दोनों आरोपी वहां से भाग गए। मौके पर उपस्थित लोगो ने मोटर सायकल से घायल शाहरुख़ को जिला अस्पताल ले गए थे जहाँ डॉक्टर के द्वारा शाहरुख़ को मृत घोषित किया था।
आरोपी सद्दाम की पत्नी चली गई थी शाहरुख के साथ
मृतक के पिता फरियादि द्वारा यह भी बताया कि शाहरुख़ के साथ आरोपी सद्दाम की पत्नी चली गई थी, जो वापस आकर सद्दाम के साथ रहने लगी थी, इसी रंजिश के कारण सद्दाम ने अपने भाई सलमान के साथ मिलकर शाहरुख़ की हत्या की थी।
घटना में प्रयुक्त चाकू किया जप्त
फरियादी की सूचना पर पुलिस चौकी सालाखेड़ी थाना स्टेशन रोड रतलाम पर प्रकरण दर्ज किया गया था, आरोपी सद्दाम से घटना में प्रयुक्त चाकू जब्त किया। उसका डीएनए परिक्षण करवाया गया था। पुलिस द्वारा इस प्रकरण को चिन्हित अपराध में शामिल किया गया था। प्रकरण का विचारण अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय में किया गया।
तर्कों से सहमत होकर सुनाई सजा
अभियोजन के द्वारा अपने साक्षीयो के साक्ष्य, दस्तावेज, एवं डीएनए रिपोर्ट न्यायालय मे प्रस्तुत की गई थी। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अभियुक्त सद्दाम पिता वारिस खाँ ओर सलमान पता वारिस खाँ निवासी ग्राम गाँगाखेड़ी जिला रतलाम को मृतक शाहरुख़ की हत्या करने का दोषी पाते हुए अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया द्वारा दोनों दोषी आरोपियों को धारा 302/ 34 ipc मे आजीवन कारावास एवं 5000-5000 के अर्थदंड तथा आरोपी सद्दाम को आयुध अधिनियम की धारा 25(1)(b) मे 2 वर्ष का कारावास ओर 1000/ के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह चौहान के द्वारा की गई।
Hemant Bhatt