जनसुनवाई : ठंड में नई व्यवस्था, आवेदकों के लिए धूप में लगाई कुर्सियां, सवा 12 बजे तक मामला रहा ठंडा, फिर बढ़ी भीड़

जनसुनवाई : ठंड में नई व्यवस्था, आवेदकों के लिए धूप में लगाई कुर्सियां, सवा 12 बजे तक मामला रहा ठंडा, फिर बढ़ी भीड़

धूप में रखी कुर्सियां सहित सभागार की कुर्सियां रही खाली

⚫ 12:15 बजे तक आए केवल 28 आवेदन

⚫ 1: 05 बजे तक हो गए 81 आवेदन

हरमुद्दा
रतलाम, 6 जनवरी। तापमान में कमी के चलते जनसुनवाई में आने वाले आवेदकों के लिए कलेक्टर द्वारा विशेष व्यवस्था की गई। बाहर धूप में कुर्सियां लगवाई गई। ताकि उन्हें सभागार में ठंड ना लगे। धूप में से सीधे अधिकारी के पास आए और समस्या बात कर चले जाएं। 12:15 बजे तक मामला जनसुनवाई का ठंडा ही रहा इसके बाद भीड़ हुई। 

कलेक्टर के साथ जनसुनवाई करते हुए एडीएम एवं सीईओ जिला पंचायत।

मंगलवार को जनसुनवाई के लिए सुबह 11 बजे कलेक्टर मिशा सिंह, जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, एडीएम डॉक्टर शालिनी श्रीवास्तव जनसुनवाई के लिए सभागार में मौजूद रही। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। सुबह 11:00 बजे से शुरू हुई।  जनसुनवाई के तहत 12:15 बजे तक केवल 28 आवेदक ही पहुंच पाए। बाहर धूप में रखी कुर्सियां और अंदर सभागार की कुर्सियां खाली रही। मगर 12:15 बजे के बाद धीरे-धीरे आवेदकों की मौजूदगी बढ़ती रही। अंदर कुर्सी पर भी आवेदक बैठे रहे और बाहर धूप में भी अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

12:15 तक बाहर धूप में रखी कुर्सियां भी थी खाली

फिर बढ़ी आवेदकों की भीड़

सभागार में कुर्सियों पर आवेदन लेकर बैठे आवेदक

कृषि भूमि गई सिंचाई तालाब निर्माण में, भरण पोषण की दिक्कत

जनसुनवाई में आवेदक रूगनाथ पिता फत्ता गामड़ निवासी ग्राम बंबोरी ने आवेदन दिया कि आवेदक की पट्टे में मिली वन भूमि 0.581 रकबा सिंचाई के लिए तालाब निर्माण कार्य में चली गई। अब तक मुआवजा नहीं मिला। उक्त भूमि के स्थान पर दूसरी भूमि दी जाए, ताकि भरण पोषण कर सकें। इस संबंध में 26 मई 2025 को भी आवेदन दिया गया था मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण परिवार के पालन पोषण में परेशानी आ रही है। 

3 साल से समस्या, आज तक कोई कार्रवाई नहीं

हतनारा के ग्रामीणजन ने बताया कि उनके खेत पर आने जाने के रास्ते पर स्टाप डेम बनाकर रास्ता रोक दिया। पहले आश्वासन दिया था कि कृषको के लिए एक पुलिया का निमार्ण किया जाएगा। उस बात को लगभग 3 वर्ष हो चुका है। मगर आज तक कुछ नहीं हुआ। पंचायत के माध्यम के शासन एवं प्रशासन को कई बार अवगत किया गया है किंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार कि कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

समस्या का नहीं हुआ समाधान तो करेंगे आंदोलन

हर दिन 700 से 800 कृषकों का प्रतिदिन का आना जाना रहता है, जिसमे जान मान का खतरा रहता है। इस समस्या पर गभीरता पूर्ण से लिया जाए अन्यथा जन आदोलन किया जाएगा। समस्या की निराकरण का आश्वासन दिया है।

आवेदन जमा करते हुए कर्मचारी