धर्म संस्कृति : ब्रह्म मुहूर्त में प्राचीन शक्ति पीठ श्री कालिका माता मंदिर में पूजन अर्चन के साथ नवरात्रि महोत्सव शुरू
⚫ धार्मिक उल्लास के साथ 10 दिनों से नवरात्रि महोत्सव शुरू
⚫ महिलाओं ने सिर पर ज्योति कलश रखकर की गरबा रास से आराधना
⚫ माता दुर्गा गज पर सवार होकर आई, जो है समृद्धि का प्रतीक
राजेश पोरवाल
रतलाम, 22 सितंबर। मां शक्ति की आराधना का 10 दिवसीय नवरात्रि महोत्सव सोमवार को धार्मिक हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ। प्राचीन शक्तिपीठ श्री कालिका माता मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में पूजन अर्चन के साथ नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत हुई। महिलाओं ने सिर पर ज्योति कलश रखकर गरबा रास आराधना की। श्री कालिका माता मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रही।

महंत पुष्पराज जी घट स्थापना करते हुए
श्री कालिका माता मंदिर में अखंड ज्ञान आश्रम के महंत श्री देव स्वरूपानंद जी और राम द्वारा के महंत पुष्पराजजी ने घट स्थापना के बाद माता रानी का पूजन अर्चन किया। माता रानी के दरबार में भक्तों की रात 3 बजे के बाद से ही कतारें लगना शुरू हो गई थी। भक्तों के हाथों में पूजन सामग्री सहित मन में आस्था रही।

माताजी के दर्शन के लिए कतार में मातृशक्ति
घट स्थापना के पश्चात श्री कालिका माता सभा मंडप में महिलाओं ने सिर पर ज्योति कलश रखकर गरबा रास के माध्यम से आराधना शुरू की। वही बाहर बालिकाओं व महिलाओं ने गरबा रास किया। उल्लेखनीय है कि श्री कालिका माता मंदिर परिसर में सुबह 4 बजे से गरबा रास की आराधना शुरू हो जाती है, जो की सूर्योदय तक चलती है। जबकि शहर में अन्य स्थानों पर रात में गरबा रास होता है।

श्री कालिका माता
नवरात्रि पर बन रहे कई शुभ योग, 10 दिन की नवरात्र
ज्योर्तिविद दुर्गाशंकर ओझा इस बार मां दुर्गा गजरज (हाथी) में सवार होकर आई है।, जो समृद्धि का प्रतीक है। जो काफी शुभ संकेत है। इस साल नवरात्रि पूरे 10 दिनों के हैं। साथ ही इस बार नवरात्रि पर ग्रहों का बहुत ही शुभ संयोग बना हुआ है। नवरात्रि पर इस बार बुधादित्य राजयोग, भद्र राजयोग, धन योग (चंद्र मंगल युति तुला राशि में), त्रिग्रह योग (चंद्रमा बुध और सूर्य की युति कन्या राशि में), और गजेसरी राजयोग का शुभ संयोग रहने वाला है। नवरात्रि का आरंभ गजकेसरी राजयोग से हो रहा है क्योंकि, गुरु और चंद्रमा एक दूसरे से केंद्र भाव में होंगे। गुरु मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे जिससे गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। साथ ही इस बार मां दुर्गा भी गज पर सवाल होकर आ रही हैं तो यह बेहद ही दुर्लभ संयोग हैं।
देश में होगी धन समृद्धि में वृद्धि
पंडित शैलेंद्र ओझा ने बताया कि जब भी नवरात्रि का आरंभ रविवार या सोमवार से होता है तो उस दिन माता का आगमन गज यानी हाथी पर होता है। श्रीमददेवी भागवत महापुराण के अनुसार, जब भी माता का आगमन हाथी पर होता है तो यह बेहद ही शुभ माता जाता है। माता के हाथी पर आगमन का अर्थ है कि कृषि में वृद्धि होती है। साथ ही देश में धन समृद्धि में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
मनुष्य की सवारी कर मां करेगी प्रस्थान
शारदीय नवरात्रि का समापन 2 अक्टूबर गुरुवार विजयदशमी के दिन होगा। जब भी माता का प्रस्थान गुरुवार के दिन होता है तो मां दुर्गा मनुष्य की सवारी करके प्रस्थान करती हैं। इस बार भी मां मनुष्य की सवारी करके प्रस्थान करेंगे जिसे बहुत ही शुभ संकेत माना गया है। इसका मतलब है कि लोगों के बीच प्रेम बढ़ेगा और सुख शांति बनी रहेगी।
शारदीय नवरात्रि 10 दिनों की
इस साल शारदीय नवरात्रि पूरे 10 दिनों के होंगे। दो चतुर्थी रहेगी। महाष्टमी 30 सितंबर को और महानवमी 1 अक्टूबर को होगी। इस दिन हवन आदि किया जाएगा। इसके साथ ही विजया दशमी यानी 2 अक्टूबर को व्रत का पारण किया जाएगा। इस साल 10 दिनों के होने के कारण मां दुर्गा का विशेष लाभ मिल सकता है।
मां दुर्गा के इन स्वरूपों की होगी पूजा
पंडित ओझा ने बताया शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने का विधान है। जो शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री है।
Hemant Bhatt