साहित्य सरोकार : जनमानस की अभिव्यक्ति करती है कविताएं
⚫ प्रो. रतन चौहान ने कहा
⚫ काव्य संग्रह ' हक़ ' का हुआ विमोचन
हरमुद्दा
रतलाम, 3 जून। कविताएं जन्ममानस कु अभिव्यक्ति है । हमारे जीवन में होने वाले बदलाव और समय-समय पर हमारे सामने आने वाली परेशानियों को शब्दों के माध्यम से कविताएं व्यक्त करती हैं । इस दृष्टि से संजय परसाई 'सरल' की कविताएं हमें अपने क़रीब महसूस होती हैं।

यह विचार युवा कवि संजय परसाई 'सरल' के सद्य प्रकाशित काव्य संग्रह 'हक़' का विमोचन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रतन चौहान ने व्यक्त किए। वरिष्ठ रंगकर्मी में ओम प्रकाश मिश्रा , डॉ. प्रदीप सिंह राव , डॉ. पूर्णिमा शर्मा , लालबहादुर श्रीवास्तव, नरेंद्र सिंह पंवार ,अजीत जैन, सुभाष यादव, आशीष दशोत्तर , राधेश्याम शर्मा ने श्री परसाई के काव्य संग्रह का विमोचन किया । इस अवसर पर शहर के सुधिजन मौजूद थे ।
जीवन है कविताओं में
संजय परसाई का यह काव्य संग्रह जीवन की समसामयिक अभिव्यक्ति करता है । आम आदमी के जीवन के दुख दर्द और परिवार में मौजूद सुखद प्रसंगों को कविताओं के माध्यम से इसमें व्यक्त किया गया है इंक पब्लिकेशन प्रयागराज द्वारा प्रकाशित संग्रह पर उपस्थितजनों ने श्री परसाई को शुभकामनाएं प्रदान की।
पुस्तक पर चर्चा 22 जून को
इस काव्य संग्रह पर जनवादी लेखक संघ रतलाम द्वारा 22 जून रविवार को प्रातः 11 बजे भगतसिंह पुस्तकालय शहर सराय रतलाम पर परिचर्चा का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में युवा कवि विक्रांत भट्ट की पुस्तक पर भी चर्चा की जाएगी।
Hemant Bhatt