धर्म संस्कृति : ब्राह्मण को सदैव धर्म एवं कर्त्तव्य पथ पर अडिग रहना चाहिए 

धर्म संस्कृति : ब्राह्मण को सदैव धर्म एवं कर्त्तव्य पथ पर अडिग रहना चाहिए 

स्वामी विशोकानंद सरस्वतीजी महाराज ने कहा

⚫ सर्व ब्राह्मण समाज के बैनर तले हुआ श्रावणी उपाकर्म

हरमुद्दा
रतलाम, 29 अगस्त। सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित निशुल्क श्रावणी उपाकर्म के अवसर पर बीकानेर राजगुरु महामण्डलेश्वर 1008 श्री श्री स्वामी विशोकानंद सरस्वती जी ने कहा कि ब्राह्मणों की पहचान तिलक, शिखा और जनेऊ से है, लेकिन आज के कुछ ब्राह्मण भोगवाद के चक्कर में पढकर आपनी मुल संस्कृति को भूलकर पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहें है और इस कारण ब्राह्मण अपना महत्व कम करता जा रहा है। ब्राह्मण को अपने संस्कार एवं संस्कृति को पुनःअपनाकर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहिए 

सशक्त संगठित होने की जरूरत ब्राह्मणों को

संयोजक पुष्पेन्द्र जोशी ने कहा कि ब्राह्मण सदैव सभी का सॉफ्ट टार्गेट बना हुआ है। क्षत्रीय समाज को छोडकर, कई जातियां, सारे पंथ, सारी राजनैतिक पार्टियां  और यहाँ तक कि सारे देश भी ब्राह्मणों को कुचलना चाहते हैं, क्योंकि वे जानते है कि जब तक ब्राह्मण कमजोर नहीं होगा तब तक देश और सनातन धर्म कमजोर नहीं होगा, इसलिये ब्राह्मणों को अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर सशक्त एवं संगठित होना होगा। संचालन जनक नागल ने किया। आभार प्रवीण उपाध्याय ने माना।

करवाया श्रावणी उपाकर्म

पं चंद्रशेखर जोशी ने दशविध स्नान, तर्पण, नवीन जनेऊ धारण करवा कर हवन पूजन के साथ श्रावणी उपक्रम संपन्न कराया। 

यह थे मौजूद

इस अवसर पर शैलेन्द्र तिवारी, जगदीश उपाध्याय, वीरेंद्र कुलकर्णी, महेश जोशी, महेंद्र व्यास, श्रीराम दीवे, गोविंद उपाध्याय, कैलाश पाठक, बी एस मोड़, अनिल भट्ट, सुशील तिवारी, अरविंद मिश्रा, प्रकाश लोखंडे, संजय दीक्षित, अखिलेश श्रोत्रिय, आदर्श दुबे, कृष्णगोपाल आचार्य, प्रदीप शिकारी, जीवेश जोशी, अखिलेश भट्ट, गुणवंत व्यास, भरत उपाध्याय, उत्तम शर्मा एम एम बटवाल, संदीप व्यास, सूर्यवंश शर्मा, मनीष व्यास सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।