इधर ध्यान क्यों नहीं : पौधों का सत्यनाश करने पर तुले हुए घटिया सीसी रोड की मरम्मत करने वाले ठेकेदार और अधिकारी

इधर ध्यान क्यों नहीं : पौधों का सत्यनाश करने पर तुले हुए घटिया सीसी रोड की मरम्मत करने वाले ठेकेदार और अधिकारी

मामला अमृत सागर उद्यान से कब्रिस्तान तक की 4 लेन सड़क का

⚫ 2 महीने से चल रही है ऐसी लापरवाही

⚫ जिन पौधों को सहारे की जरूरत उनका ही लिया जा रहा सहारा

हरमुद्दा
रतलाम, 27 नवंबर। अमृत सागर उद्यान से लेकर कब्रिस्तान तक के फोरलेन मार्ग पर 2 महीने से घटिया निर्माण को उखाड़ कर मरम्मत का कार्य चल रहा था। रास्ता रोकने के लिए बेरी कैट्स लगाने की बजाए पौधों पर पन्नी बांध कर आगमन रोका, जिससे पौधों का सत्यानाश हुआ मगर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। 


अक्टूबर माह की शुरुआत से ही अमृत सागर उद्यान से लेकर कब्रिस्तान तक के मार्ग पर एकाधिक जगह घटिया निर्माण की खुदाई का कार्य शुरू हुआ। आगमन रोकने के लिए डिवाइडर पर लगे पौधों का उपयोग किया गया। पौधों पर पन्नी बांधकर रास्ता रोका गया। नन्हें पौधों की जान निकल रही थी, जिन पौधों को स्वयं को सहारे की जरूरत थी उन्हीं का सहारा लेकर उन्हें बर्बाद किया जा रहा था मगर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारी बेपरवाह बने रहे। क्षेत्रीय पार्षद को भी इन पौधों की चिंता फिक्र नहीं हुई।

बिना सफाई के आवागमन करवा दिया शुरू

लगभग दो माह से बंद पड़े इस मार्ग पर इसी सप्ताह आवागमन शुरू हुआ, मगर रिपेयर के बाद जो गिट्टी और मिट्टी आसपास बिछाई गई थी और तरी की जा रही थी। उसे साफ करने की भी जहमत जिम्मेदारों ने नहीं उठाई। गिट्टी सड़क पर बिखरी पड़ी हुई है, जो की दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है। साथ ही इस मार्ग पर मीना से नाली के पास खुदाई के गड्ढे हैं और मालवा सड़क पर पड़ा हुआ है। उसे भी साफ नहीं किया जा रहा है।

अब दूसरी तरफ घटिया निर्माण की हुई खुदाई

अब कब्रिस्तान मार्ग से लेकर हनुमान बाग मंदिर मार्ग पर भी चार दिन पहले इसी तरह घटिया निर्माण कार्य की खुदाई करके पौधों पर पन्नी बांधकर आवागमन रोका गया है। जब पहले इन पर कार्रवाई नहीं हुई तो यही जिम्मेदार फिर से वही गलती कर रहे हैं। नन्हें पौधों की जान लेने पर आमादा है। 

कर सकते हैं महापौर जी इन जिम्मेदार पर आप कार्रवाई

शहर के डिवाइडर पर विशेष रूप से लगाए गए स्टैंड और गमलों को भी असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिस पर महापौर पहलाद पटेल चिंतित हैं और आक्रोशित भी । तब कहा कि ऐसे लोगों पर मैं कार्रवाई करूंगा। मगर महापौर जी अमृत सागर उद्यान की तरफ भी देखिए। जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार ही नन्हें पौधों की जान लेने पर आमादा है। इन पर कार्रवाई कर सकते हैं। अव्वल बात तो यह है कि यहां बंधी हुई पन्नी रात को दूर से नजर भी नहीं आती और गंभीर दुर्घटना हो सकती है। यहां पर कायदे से बेरीकेट्स लगाने चाहिए ताकि दूर से नजर आए।

डिवाइडर पर लगे पौधों को भी पहुंचा रहे नुकसान मवेशी सहित अन्य

बाजना बस स्टैंड से अमृतसर उद्यान तक मार्ग पर बनाए डिवाइडर पर लगे पौधों को हर दिन कोई ना कोई उखाड़ रहा है। चाहे तो सफाई कर्मचारी से भी पूछ सकते हैं। हरदिन यहां पर सबुह 5 बजे जो झाड़ू लगा रहे हैं उन्हें पौधे के अवशेष नीचे सड़क पर मिलते हैं। इसके साथ ही मवेशी भी पौधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

क्षेत्रीय दुकानदार डालते हैं डिस्पोजल सहित अन्य कचरा

शहर की सुंदरता के लिए डिवाइडर पर रोपे गए पौधों की यहां पर क्षेत्रीय दुकानदारों द्वारा डिस्पोजल का सहित अन्य कचरा डाला जाता है, जिसके कारण सुंदरता प्रभावित हो रही है।